अमेरिकी डिविडेंड पर टैक्स: भारतीय निवेशकों के लिए
अमेरिकी डिविडेंड पर भारत से निवेश करने पर 25% टैक्स स्रोत पर ही कट जाता है। W-8BEN, Form 67, Schedule FA और LRS की मैकेनिक्स, असली आंकड़ों के साथ समझें।
अमेरिकी डिविडेंड पर टैक्स भारतीय निवेशकों के लिए दो जगह लगता है, और पहली जगह अमेरिका ही है। भारत और अमेरिका की कर संधि (DTAA) के तहत आम पोर्टफोलियो निवेशक के डिविडेंड पर 25% रकम अमेरिका में स्रोत पर काट ली जाती है, यानी पैसा आपके ब्रोकिंग खाते में पहुँचने से पहले। इसका सीधा असर यह है कि किसी भी स्क्रीनर पर दिखने वाली यील्ड ग्रॉस यील्ड है, और हाथ में आने वाली रकम उससे एक चौथाई कम।
यह पोस्ट अमेरिकी एक्सचेंजों पर सूचीबद्ध डिविडेंड देने वाली कंपनियों के बारे में है। भारतीय एक्सचेंजों पर सूचीबद्ध कंपनियों के डिविडेंड पर ये नियम लागू नहीं होते, वहाँ का ढाँचा अलग है। नीचे के पैनल छह जानी-पहचानी अमेरिकी कंपनियों पर वही अंकगणित करते हैं जो आपके खाते में होता है, और उसके बाद वे काग़ज़ी काम आते हैं जो हर निवेशक को खुद निपटाने होते हैं। गैर अमेरिकी निवेशकों पर विदहोल्डिंग टैक्स की सामान्य तस्वीर अलग पोस्ट में है। यहाँ सिर्फ़ भारत में रहने वाले निवेशक का रास्ता है।
हेडलाइन यील्ड ग्रॉस होती है, खाते में नेट आता है
डिविडेंड यील्ड एक सीधी भिन्न है: पिछले एक साल में घोषित प्रति शेयर डिविडेंड, बँटा हुआ मौजूदा भाव से। यह परिभाषा और इसकी सीमाएँ डिविडेंड यील्ड क्या होती है में विस्तार से हैं। वेबसाइटों पर छपने वाली यह संख्या हमेशा घोषित रकम पर बनती है, किसी देश की कटौती इसमें नहीं जुड़ी होती। नीचे का पैनल हर कंपनी की पिछली चार तिमाही किस्तें जोड़ता है, फिर 25% कटने के बाद बची रकम और उस पर बनी नेट यील्ड साथ-साथ रखता है।
| ticker | gross_dps_usd | net_dps_usd | gross_yield_pct | net_yield_pct |
|---|---|---|---|---|
| CVX | 7.05 | 5.29 | 3.44 | 2.58 |
| PG | 4.29 | 3.22 | 2.89 | 2.17 |
| ABBV | 6.83 | 5.12 | 2.58 | 1.94 |
| KO | 2.1 | 1.58 | 2.41 | 1.81 |
| JNJ | 5.28 | 3.96 | 1.97 | 1.48 |
| MSFT | 3.64 | 2.73 | 0.72 | 0.54 |
हर आंकड़े के पीछे का पूरा SQL
SELECT
d.ticker AS ticker,
round(d.gross_dps, 2) AS gross_dps_usd,
round(d.gross_dps * 0.75, 2) AS net_dps_usd,
round(100 * d.gross_dps / p.last_close, 2) AS gross_yield_pct,
round(100 * d.gross_dps * 0.75 / p.last_close, 2) AS net_yield_pct
FROM
(
SELECT
ticker,
sum(amount) AS gross_dps
FROM
(
SELECT
ticker,
any(toFloat64(cash_amount)) AS amount,
any(ex_dividend_date) AS ex_date
FROM global_markets.stocks_dividends
WHERE ticker IN ('JNJ', 'KO', 'PG', 'MSFT', 'ABBV', 'CVX')
AND ex_dividend_date <= today()
AND ex_dividend_date > today() - 420
GROUP BY ticker, id
ORDER BY ex_date DESC
LIMIT 4 BY ticker
)
GROUP BY ticker
) AS d
INNER JOIN
(
SELECT
ticker,
toFloat64(argMax(close, date)) AS last_close
FROM global_markets.stocks_daily_aggs
WHERE ticker IN ('JNJ', 'KO', 'PG', 'MSFT', 'ABBV', 'CVX')
AND date > today() - 30
GROUP BY ticker
) AS p ON p.ticker = d.ticker
ORDER BY gross_yield_pct DESCपैनल में सबसे ऊँची ग्रॉस यील्ड CVX की है, 3.44%। स्रोत पर 25% कटने के बाद वही यील्ड 2.58% रह जाती है। प्रति शेयर देखें तो साल भर में घोषित $7.05 में से $5.29 खाते तक आते हैं। दूसरे सिरे पर MSFT है, जिसकी ग्रॉस यील्ड 0.72% है। कटौती का अनुपात हर नाम पर एक जैसा रहता है, इसलिए ऊँची यील्ड वाली कंपनी पर रकम में अंतर बड़ा दिखता है, प्रतिशत में नहीं।
ये सभी आँकड़े डॉलर में हैं। रुपये में रकम इस पर निर्भर करती है कि आपके ब्रोकर या बैंक ने उस दिन कौन सी विनिमय दर लगाई, जो हर किस्त पर अलग होती है। इसीलिए यहाँ कोई रुपया आँकड़ा जानबूझकर नहीं दिया गया है।
25% ही रहे, 30% नहीं: W-8BEN का काम
अमेरिका की घरेलू डिफ़ॉल्ट दर विदेशी निवेशकों के डिविडेंड पर 30% है। संधि वाली 25% दर अपने आप नहीं मिलती। ब्रोकर के पास W-8BEN फॉर्म होना चाहिए, जिसमें निवेशक घोषित करता है कि वह भारत का कर निवासी है और संधि के लाभ का दावा कर रहा है। भारतीय प्लेटफ़ॉर्म यह फॉर्म खाता खोलते समय डिजिटल रूप में भरवा लेते हैं, इसलिए अक्सर निवेशक को इसका नाम तक याद नहीं रहता। फॉर्म हस्ताक्षर वाले साल के अंत से तीन कैलेंडर साल तक वैध रहता है, उसके बाद दोबारा भरना होता है। पता, नागरिकता या कर निवास बदलने पर भी नया फॉर्म देना होता है। फॉर्म समाप्त हो जाए और किसी का ध्यान न जाए, तो अगली किस्त पर कटौती चुपचाप 30% हो जाती है।
| ticker | gross_usd_per_100sh | net_treaty_25pct_usd | net_default_30pct_usd | annual_gap_usd |
|---|---|---|---|---|
| CVX | 705 | 528.75 | 493.5 | 35.25 |
| ABBV | 683 | 512.25 | 478.1 | 34.15 |
| JNJ | 528 | 396 | 369.6 | 26.4 |
| PG | 429.06 | 321.79 | 300.34 | 21.45 |
| MSFT | 364 | 273 | 254.8 | 18.2 |
| KO | 210 | 157.5 | 147 | 10.5 |
हर आंकड़े के पीछे का पूरा SQL
SELECT
ticker,
round(gross_dps * 100, 2) AS gross_usd_per_100sh,
round(gross_dps * 100 * 0.75, 2) AS net_treaty_25pct_usd,
round(gross_dps * 100 * 0.70, 2) AS net_default_30pct_usd,
round(gross_dps * 100 * 0.05, 2) AS annual_gap_usd
FROM
(
SELECT
ticker,
sum(amount) AS gross_dps
FROM
(
SELECT
ticker,
any(toFloat64(cash_amount)) AS amount,
any(ex_dividend_date) AS ex_date
FROM global_markets.stocks_dividends
WHERE ticker IN ('JNJ', 'KO', 'PG', 'MSFT', 'ABBV', 'CVX')
AND ex_dividend_date <= today()
AND ex_dividend_date > today() - 420
GROUP BY ticker, id
ORDER BY ex_date DESC
LIMIT 4 BY ticker
)
GROUP BY ticker
)
ORDER BY gross_usd_per_100sh DESCसबसे बड़ी सालाना रकम CVX पर बनती है: 100 शेयरों पर $705 घोषित। संधि दर पर $528.75 बचते हैं, डिफ़ॉल्ट दर पर $493.5। दोनों के बीच का फ़ासला $35.25 सालाना है, सिर्फ़ एक फॉर्म की वैधता का फ़र्क। जिस पोर्टफोलियो में सौ नहीं, हज़ार शेयर हैं, वहाँ यही अंतर दस गुना होकर दिखता है।
ex-date, record date और pay date कैसे काम करते हैं
डिविडेंड पाने के लिए शेयर सही तारीख़ से पहले खाते में होना चाहिए। जिस दिन शेयर ex-dividend होता है, उस दिन या उसके बाद ख़रीदने वाले को वह किस्त नहीं मिलती। अमेरिका में सेटलमेंट अब T+1 है, इसलिए ex-date और record date आमतौर पर एक ही दिन या एक दिन आगे-पीछे पड़ते हैं। पैसा उसके कई हफ़्ते बाद pay date पर जमा होता है, और कटौती उसी वक़्त लगती है, घोषणा के दिन नहीं। नीचे हर कंपनी की सबसे हालिया घोषित किस्त की तीनों तारीख़ें हैं।
| ticker | ex_date_label | record_date_label | pay_date_label | gross_dps_usd | net_dps_usd |
|---|---|---|---|---|---|
| KO | Sep 15, 2026 | Sep 15, 2026 | Oct 1, 2026 | 0.53 | 0.3975 |
| JNJ | Aug 25, 2026 | Aug 25, 2026 | Sep 8, 2026 | 1.34 | 1.005 |
| MSFT | Aug 20, 2026 | Aug 20, 2026 | Sep 10, 2026 | 0.91 | 0.6825 |
| CVX | Aug 19, 2026 | Aug 19, 2026 | Sep 10, 2026 | 1.78 | 1.335 |
| PG | Jul 24, 2026 | Jul 24, 2026 | Aug 17, 2026 | 1.0885 | 0.8164 |
| ABBV | Jul 15, 2026 | Jul 15, 2026 | Aug 14, 2026 | 1.73 | 1.2975 |
हर आंकड़े के पीछे का पूरा SQL
SELECT
ticker,
formatDateTime(max(ex_dividend_date), '%b %e, %Y') AS ex_date_label,
formatDateTime(argMax(record_date, ex_dividend_date), '%b %e, %Y') AS record_date_label,
formatDateTime(argMax(pay_date, ex_dividend_date), '%b %e, %Y') AS pay_date_label,
round(argMax(toFloat64(cash_amount), ex_dividend_date), 4) AS gross_dps_usd,
round(argMax(toFloat64(cash_amount), ex_dividend_date) * 0.75, 4) AS net_dps_usd
FROM global_markets.stocks_dividends
WHERE ticker IN ('JNJ', 'KO', 'PG', 'MSFT', 'ABBV', 'CVX')
AND ex_dividend_date <= today()
AND ex_dividend_date > today() - 200
GROUP BY ticker
ORDER BY max(ex_dividend_date) DESCइस समूह में सबसे हालिया ex-date KO की Sep 15, 2026 है। उसी किस्त का record date Sep 15, 2026 है और भुगतान Oct 1, 2026 को होता है। प्रति शेयर $0.53 घोषित हुए, जिनमें से $0.3975 कटौती के बाद बचते हैं। ब्रोकर का स्टेटमेंट आम तौर पर दोनों पंक्तियाँ अलग-अलग दिखाता है, एक ग्रॉस रकम की और एक विदहोल्डिंग की। भारत में रिटर्न भरते समय दोनों आँकड़े चाहिए होते हैं, इसलिए साल भर के स्टेटमेंट सँभालकर रखना काम आता है।
डिविडेंड बढ़ता है, कटौती का प्रतिशत वही रहता है
लंबे समय तक डिविडेंड बढ़ाने वाली कंपनियों पर प्रति शेयर रकम साल दर साल ऊपर जाती है, पर स्रोत पर कटने वाला हिस्सा स्थिर रहता है। नीचे JNJ का दस साल का रिकॉर्ड है, ग्रॉस और नेट, दोनों रेखाएँ साथ।
| year | gross_dps_usd | net_dps_usd |
|---|---|---|
| 2016 | 3.15 | 2.36 |
| 2017 | 3.32 | 2.49 |
| 2018 | 3.54 | 2.66 |
| 2019 | 3.75 | 2.81 |
| 2020 | 3.98 | 2.98 |
| 2021 | 4.19 | 3.14 |
| 2022 | 4.45 | 3.34 |
| 2023 | 4.7 | 3.52 |
| 2024 | 4.91 | 3.68 |
| 2025 | 5.14 | 3.86 |
हर आंकड़े के पीछे का पूरा SQL
SELECT
toString(toYear(ex_date)) AS year,
round(sum(amount), 2) AS gross_dps_usd,
round(sum(amount) * 0.75, 2) AS net_dps_usd
FROM
(
SELECT
any(toFloat64(cash_amount)) AS amount,
any(ex_dividend_date) AS ex_date
FROM global_markets.stocks_dividends
WHERE ticker = 'JNJ'
AND ex_dividend_date >= '2016-01-01'
AND ex_dividend_date < '2026-01-01'
GROUP BY id
)
GROUP BY year
ORDER BY year2016 में प्रति शेयर $3.15 घोषित हुए थे और 2025 में $5.14। नेट रेखा पूरे दौर में ग्रॉस की ठीक तीन चौथाई पर चलती है, 2025 में $3.86। दोनों रेखाओं के बीच का फ़ासला हर साल चौड़ा होता जाता है, हालाँकि दर कभी नहीं बदली। किसी एक नाम का पूरा भुगतान इतिहास JNJ के डिविडेंड रिकॉर्ड में है, और एक और लंबा रिकॉर्ड Coca-Cola के डिविडेंड वाली पोस्ट में।
भारत में अमेरिकी डिविडेंड पर टैक्स कैसे लगता है
अमेरिका में कटने के बाद कहानी ख़त्म नहीं होती। भारत का निवासी अपनी वैश्विक आय पर कर देता है, इसलिए यह डिविडेंड भारत में भी कर योग्य है, "अन्य स्रोतों से आय" शीर्षक के नीचे, आपकी slab दर पर। एक बात यहाँ अक्सर चूक जाती है: रिटर्न में ग्रॉस रकम दिखानी होती है, खाते में आई नेट रकम नहीं। अमेरिका में कटा 25% अलग से विदेशी कर क्रेडिट (FTC) के रूप में घटाया जाता है।
क्रेडिट पाने के लिए Form 67 ऑनलाइन दाखिल करना होता है, जिसमें विदेशी आय, वहाँ कटा कर और उसका प्रमाण दर्ज होता है। यह फॉर्म रिटर्न के साथ जुड़ा हुआ काम है, रिटर्न के बाद याद आने वाला नहीं। क्रेडिट उतना ही मिलता है जितना उस आय पर भारत में कर बनता है। यदि आपकी slab दर 25% से ऊँची है, तो अंतर भारत में चुकाना होता है। यदि slab दर नीची है, तो बचा हुआ अमेरिकी कर वापस नहीं आता, वह वहीं रह जाता है।
डॉलर की रकम रुपये में बदलने का तरीक़ा भी तय है। आयकर नियम 115 के अनुसार विनिमय दर उस महीने से पहले वाले महीने के आख़िरी दिन की State Bank of India की telegraphic transfer buying rate होती है, अपने ब्रोकर की दर नहीं। इसी वजह से ब्रोकर स्टेटमेंट का रुपया आँकड़ा और रिटर्न का रुपया आँकड़ा थोड़े अलग निकलते हैं, और दोनों सही होते हैं।
Schedule FA और LRS: दो और ज़रूरी काम
विदेशी शेयर रखने वाले निवासी को रिटर्न में Schedule FA भरनी होती है, जिसमें विदेशी संपत्ति और उससे मिली आय दर्ज होती है। इसकी रिपोर्टिंग अवधि कैलेंडर साल होती है, वित्तीय साल नहीं, इसलिए तारीख़ें मिलाते समय ध्यान चाहिए। जिस साल यह शेड्यूल लागू होता है, उस साल ITR-1 या ITR-4 से काम नहीं चलता।
पैसा बाहर भेजने का रास्ता RBI की Liberalised Remittance Scheme है, जिसकी सीमा प्रति व्यक्ति प्रति वित्तीय वर्ष 2,50,000 डॉलर है। बैंक इसके लिए Form A2 भरवाता है। सितंबर 2026 तक लागू नियमों के अनुसार एक वित्तीय वर्ष में निवेश के लिए भेजी गई कुल रकम एक तय सीमा से ऊपर जाने पर उस पर TCS लगता है। TCS कोई अतिरिक्त कर नहीं है, वह आपकी कर देनदारी के विरुद्ध समायोजित होता है या रिफंड में लौटता है। मौजूदा सीमा और दर अपने बैंक से पुष्टि कर लेना ठीक रहता है, यह हिस्सा बजट के साथ बदलता रहा है।
एक आख़िरी बिंदु जो भारतीय निवेशकों की नज़र से अक्सर छूटता है: अमेरिकी संपत्तियों पर गैर निवासी व्यक्ति के लिए estate tax की छूट सीमा सिर्फ़ 60,000 डॉलर है, और भारत के साथ अमेरिका की estate tax संधि नहीं है। बड़े अमेरिकी पोर्टफोलियो पर यह अपने आप में एक अलग योजना का विषय बन जाता है।
डेटा नोट्स और तरीक़ा
यील्ड पैनल हर कंपनी की चार सबसे हालिया घोषित किस्तें जोड़ता है, जिससे किसी साल पाँच ex-date पड़ने पर आँकड़ा बढ़ा हुआ न दिखे। भाव पिछले तीस दिनों का आख़िरी उपलब्ध बंद भाव है। नेट रकम हर जगह घोषित रकम का 75% है, यानी संधि की 25% दर पूरी किस्त पर लगाई गई है। किसी भी पैनल में विनिमय दर नहीं जोड़ी गई, सभी आँकड़े डॉलर में हैं। तारीख़ें कंपनियों की घोषित corporate action तारीख़ें हैं, और घोषणा के बाद बदलने पर पैनल अगली गणना में उन्हें उठा लेता है।
FAQ
क्या अमेरिकी डिविडेंड पर भारत में दोबारा टैक्स लगता है?
आय दोनों जगह घोषित होती है, पर कर दो बार पूरा नहीं लगता। अमेरिका में कटे 25% का क्रेडिट भारत में Form 67 के ज़रिये मिलता है, और भारत में केवल अंतर की रकम चुकानी होती है। क्रेडिट उस आय पर बनने वाले भारतीय कर तक सीमित रहता है।
W-8BEN न भरने पर क्या होता है?
संधि की 25% दर लागू नहीं होती और कटौती अमेरिका की डिफ़ॉल्ट 30% दर पर होती है। ऊपर का पैनल दोनों दरों के बीच का सालाना फ़ासला 100 शेयरों पर दिखाता है। फॉर्म की वैधता तीन कैलेंडर साल की होती है, इसलिए समाप्ति की तारीख़ याद रखना काम का है।
अमेरिकी शेयर बेचने पर हुए मुनाफ़े पर भी क्या अमेरिका में कटौती होती है?
नहीं। गैर निवासी निवेशक के शेयर बिक्री मुनाफ़े पर अमेरिका स्रोत पर कटौती नहीं करता, वहाँ कटौती केवल डिविडेंड पर होती है। वह मुनाफ़ा भारत में होल्डिंग अवधि के हिसाब से शॉर्ट टर्म या लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन की तरह कर योग्य होता है, और वे दरें डिविडेंड वाली slab दर से अलग हैं।
Form 67 कब दाखिल करना होता है?
यह आयकर पोर्टल पर ऑनलाइन दाखिल होता है और रिटर्न भरने से पहले जमा करना सबसे साफ़ तरीक़ा है। मौजूदा नियम इसे संबंधित निर्धारण वर्ष के अंत तक दाखिल करने की अनुमति देते हैं, पर देर करने पर क्रेडिट का दावा उलझता है।
हर पैनल के नीचे उसका पूरा SQL खुलता है, तो आँकड़ा कैसे बना यह पढ़ा जा सकता है। यही सवाल सादी भाषा में Strasmore टर्मिनल पर भी पूछे जा सकते हैं। यह पेज शैक्षिक जानकारी है; अपनी कर स्थिति पर किसी CA से पुष्टि कर लेना बेहतर रहता है।